मानव जीवन का मूल उद्देश्य क्या है... आइये जानते है...
मानव जीवन का मूल उद्देश्य क्या है... आइये जानते है... आज की चकाचौंध में मनुष्य अपने जीवन का मूल उद्देश्य भूल गया है... हर कोई केवल यह ही सोचता है कि अपना पेट पालना और परिवार पालना... बच्चो की शादी आदि बस ये ही करने के लिए मनुष्य जीवन प्राप्त हुआ है... लेकिन इस विषय में संतो ने अपनी वाणी में कहा है कि... मानुष जनम पाय कर, जो नहीं रटे हरि नाम। जैसे कुआं जल बिना, बनवाया किस काम।। कथा... एक भक्त सत्संग में जाने लगा। दीक्षा ले ली, ज्ञान सुना और भक्ति करने लगा। अपने मित्र से भी सत्संग में चलने तथा भक्ति करने के लिए प्रार्थना की। परंतु दोस्त नहीं माना। कह देता कि कार्य से फुर्सत (खाली समय) नहीं है। छोटे-छोटे बच्चे हैं। इनका पालन-पोषण भी करना है। काम छोड़कर सत्संग में जाने लगा तो सारा धँधा चैपट हो जाएगा। वह सत्संग में जाने वाला भक्त जब भी सत्संग में चलने के लिए अपने मित्र से कहता तो वह यही कहता कि अभी काम से फुर्सत नहीं है। एक वर्ष ...